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स्वप्नदोष | लक्षण, कारण, कुप्रभाव और होम्योपैथिक इलाज

 स्वप्नदोष | लक्षण, कारण, कुप्रभाव और होम्योपैथिक इलाज



[Top 13 दवाएं]

स्वप्नदोष का रामबाण इलाज | होम्योपैथी की Top13 दवाएं | स्वप्नदोष की बीमारी के लक्षण और क्या कारण होते हैं? स्वप्नदोष का हमरे शरीर पर कुप्रभाव और छुटकारा



होम्योपैथी को स्वप्नदोष से कैसे दूर करें? स्वप्नदोष का रामबाण इलाज | होम्योपैथी की Top13 दवाएं | स्वप्नदोष की बीमारी के लक्षण और क्या कारण होते हैं? स्वप्नदोष का हमरे शरीर पर कुप्रभाव और छुटकारा कैसे पाएं ?


स्वप्नदोष के कुप्रभाव से एक परुष चिंतित


स्वप्नदोष क्या है? 

अक्सर नींद में स्वप्न देख कर अथवा बिना स्वप्न के नींद में वीर्य का निकल जाना स्वप्नदोष कहलाता है।


स्वप्नदोष का कुप्रभाव

स्वप्नदोष है बहुत गंभीर समस्या है जिसका अगर समय पर इलाज न किया जाए तो सेक्स संबंधित बहुत सारे अन्य रोग उत्पन्न हो जाते हैं। स्वप्नदोष जब अधिक होने लगता है तो हमारे शरीर में विटामिंस प्रोटींस तथा मिनरल्स की कमी हो जाती है जिससे हमारा शरीर कमजोर हो जाता है। अगर हमारी उम्र 13 से 19 साल के बीच में है और इस दौरान अगर स्वप्नदोष अधिक होता है तो इसका हमारे शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है इस दौरान हमारे शरीर की ग्रोथ रुक जाती है जिससे हमारे शरीर का पूर्ण विकास नहीं हो पाता। हमारा टेस्टोस्टरॉन लेवल कम हो जाता है। हमारी आवाज पर भी इसका बुरा असर पड़ता है आवाज पतली और धीमी(श्रिंक) हो जाती है। लंबाई रुक जाती है। आंखों की नजर पर भी बुरा असर पड़ता है। बालों का झड़ना और सफेद होना तथा गंजापन की समस्या पैदा हो सकती है। इसके साथ साथ आत्मविश्वास कम हो जाता है।


स्वप्नदोष के लिए होम्योपैथी में लक्षण के हिसाब से कई दवाइयां उपलब्ध हैं जिनके प्रयोग से कुछ ही दिनों में स्वप्नदोष की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।


1. एसिड फास 

यह दवा स्वप्नदोष में प्रयुक्त होने वाली दवाओं में सबसे ज्यादा प्रयोग की जाने वाली दवा है जब स्वप्नदोष  धात - दुर्बल की वजह से वह बहुत अधिक  इंद्रियां चालन/ हस्तमैथुन की वजह से हो तो यह दवा स्वप्नदोष के लिए बहुत लाभदायक है जब बालकों को यौवन अवस्था में स्वप्नदोष के बाद बहुत सारी बीमारियां हो जाएं और वह बहुत कमजोर हो जाए यहां तक कि उन्हें बोलने में कमजोरी तथा थरथराहट महसूस हो तो इस दवा का उपयोग करना चाहिए।


2. एग्नस कास्ट 

यह दवा ऐसे स्वप्नदोष के रोगियों के लिए लाभदायक है जिन्हें बहुत दिनों से स्वप्नदोष रहते हुए अथवा बहुत अधिक हस्तमैथुन करने की वजह से बहुत कमजोर हो गए हो और उनका लिंग हमेशा ठंडा रहता हो तथा व युवावस्था में ही बुड्ढों की तरह दिखाई पड़े तो ऐसे रोगियों के लिए इस दवा से बहुत लाभ होता है ऐसे रोगियों के लिए उन्हें अपने स्वास्थ्य के बारे में बहुत चिंता सताती रहती है।


3. सेलेनियम

यह दवा जब नींद अथवा सपने में स्वप्नदोष हो जाए या रोगी के चलने फिरने अथवा पेशाब के बाद थोड़ा सा वीर्य निकल जाए अथवा मल त्याग के समय वीर निकल जाए अथवा अनजान में वीर्य निकल कर कपड़ों में निशान पड़ जाए जिससे रोगी दिन प्रतिदिन कमजोर और दुबला पतला होता चला जाता है। शरीर के अंग-प्रत्यंग धीरे धीरे धीरे ढीले पड़ जाते हैं। आंख मुंह धंस जाता है वीर्य पतला हो जाता है और उनके वीर्य में किसी तरह की गंध नहीं रहती है। लिंग में कड़ापन बहुत ही कम अथवा बिल्कुल नहीं रहता है तो ऐसे रोगियों के लिए यह दवा बहुत फायदा करती है।


4. स्टेफिसेग्रिया

स्वप्नदोष के वे रोगी जो बहुत अधिक शांत रहते हैं और जो बहुत ज्यादा सोचते रहते हैं जिनको कोई भी बात करने में बहुत शर्म आती है ऐसे रोगी जिनमें उत्तेजना बहुत अधिक रहती है जिनका स्वभाव चिड़चिड़ा क्रोधी और किसी तरह संतुष्ट नहीं रहता है तो ऐसे स्वप्नदोष रोगियों के लिए यह दवा फायदेमंद है जब कभी भी स्कूली बच्चों को गलत स्वभाव में पड़ जाने के बाद स्वप्नदोष की बीमारी हो जाए तो ऐसे स्कूली युवको के लिए भी यह दवा अधिक फायदा करती है।


5. कैलेडियम

इस दवा की सबसे खास विशेषता यह है कि इसमें रोगी को बिना सपने देखे ही वीर्य निकल जाता है।

जब बहुत दिनों तक स्वप्न देखकर स्वप्नदोष होता रहता है तो उसके बाद ऐसी स्थिति आती है कि अब बिना स्वप्न देखे ही नींद में वीर्य निकल जाता है तथा लिंग में रतिक्रिया के लिए बिल्कुल ही कड़ापन नहीं आता रोगी को सेक्स करने की इच्छा होने के बावजूद उसके लिंग में शक्ति बिल्कुल नहीं रहती है वह असहाय महसूस करता है उसके साथ मर्दाना कमजोरी हो जाती है तो ऐसे रोगियों के लिए इस दवा का प्रयोग करना चाहिए।


6. नक्स वॉमिका

यह दवा स्वप्नदोष की जगह जनरल दवाओं के रूप में होम्योपैथी में प्रयुक्त होती है जब किसी स्त्री को देखते ही वीर्य निकल जाता हो और लिंग में थोड़ा सा ख्याल आते ही उत्तेजना उत्पन्न हो जाती हो तो इसके लिए होम्योपैथी में इस दवा का प्रयोग करना चाहिए।


7. कोनियम

ऐसे रोगी जिनके लिंग में कमजोरी अत्यधिक हो और स्त्री सहवास की बहुत प्रबल इच्छा हो परंतु उन रोगियों में सहवास करने में बहुत असमर्थता, स्त्री को देखने अथवा आलिंगन करने मात्र से ही या केवल उसका मन में विचार आते ही वीर्य अपने आप में निकल जाता है और लिंग में कड़ापन बिल्कुल नहीं रहता तो इस प्रकार के रोगियों के लिए यह दवा फायदा करती है।


8. सेलिक्स नाईग्रा

अगर किसी किसी व्यक्ति को अधिक दिनों तक स्वप्नदोष की बीमारी रहती है और स्वप्नदोष की बीमारी के साथ-साथ पेशाब के साथ वीर्य आने लगे  रोगी को अक्सर पेशाब अथवा मल त्याग के समय वीर्य निकल जाता है और वीर्य पतला होकर स्वप्नदोष की बीमारी बनी रहती है उसके साथ में कमर में दर्द भी रहता है तो इस दवा का प्रयोग करना चाहिए।


9. वायला ट्राईकलर

जब किसी व्यक्ति को स्वप्नदोष तथा उसके साथ वह अक्सर लिंग खुजलाता रहता हो और लिंग फूला हुआ हो और रोगी के पेशाब अथवा मल त्याग के समय वीर्य निकल जाए तो इसके लिए होम्योपैथी में दवा का उपयोग करना चाहिए।


10. लाइकोपोडियम

ऐसे रोगियों को जिन्हें स्वप्नदोष होकर तथा उनका आत्मविश्वास बहुत कम हो गया हो और उन्हें अक्सर कब्ज की शिकायत तथा गैस की शिकायत बनी रहती हो तो ऐसे रोगियों के लिए लाइकोपोडियम बहुत फायदा करती है


11. चाइना

ऐसे रोगियों को जो बहुत दिनों तक स्वप्नदोष की बीमारी होने के बाद या अत्यधिक वीर्य नाश हो जाने के बाद वे  बहुत ही कमजोर हो गए हो और उन्हें खून की कमी हो। रोगी को अक्सर चक्कर आते हैं तथा आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है तो ऐसे लोगों के लिए चाइना का प्रयोग लाभप्रद है।


12. डाइसकोरिया

जब किसी को एक ही रात में कई कई बार अथवा दो या तीन बार स्वप्नदोष  होता है और रोगी को बहुत कमजोरी महसूस होती है तो ऐसे स्वप्नदोष रोगियों के लिए डाइसकोरिया होम्योपैथिक दवा का प्रयोग करना चाहिए ।


13. औरम मेट

जब किसी रोगी को रात में उसके लिंग में अत्यधिक कड़ापन आए और उसके साथ स्वप्नदोष दो यह दवा फायदा करती है।


Bottom Line

ऊपर दी गई होम्योपैथिक दवाओं से स्वपनदोष का सुरक्षित और सफल इलाज किया जा सकता है किसी व्यक्ति को सपने दोष से पीड़ित होने पर उसको सर्वप्रथम अपने स्वप्नदोष के लक्षणों पर विशेष ध्यान रखना चाहिए और ऊपर दी गई स्वपनदोष की होम्योपैथिक दवाओं में से जो रोगी से बहुत ही ज्यादा मेल खाती हो और संबंधित हो उस होम्योपैथिक दवा का चुनाव करें स्वप्नदोष के रोगियों को सदैव याद रखना चाहिए के ऊपर दी गई स्वपनदोष की दवाओं में से सदैव एक समय में केवल एक ही दवा का चुनाव करें स्वप्नदोष के रोगी को एक दवा के फायदा न होने पर उस दवा को बंद करके दूसरी दवा का प्रयोग करना चाहिए

अस्वीकरण: इस ब्लॉग पर उपलब्ध सामग्री केवल इन्फॉर्मेशनल उद्देश्य के लिए है और किसी चिकित्सक या स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के परामर्श, निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए सदैव किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

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